बीजिंग । युद्ध (war) की दुनिया में लड़ाकू विमानों (fighter planes) का कोई तोड़ नहीं रहता। अमेरिका (America) ने इसी तरह बी-2 बॉम्बर स्टील्थ विमान (B-2 Bomber stealth aircraft) बनाया है, जोकि दुश्मनों को परास्त करने की क्षमता रखता है। इस बीच, चीन (China) के नए स्टील्थ फ्लाइंग विंग ड्रोन, जिसे संभवत: अगली पीढ़ी का बॉम्बर माना जा रहा है, उसने आसमान में उड़ान भरी है। बड़े स्टील्थ ‘क्रैंक्ड काइट’ विमान का एक वीडियो, जिसे अनऑफिशियली GJ-X कहा जाता है, 19 अक्टूबर से चीनी सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है। इस बॉम्बर के पहली बार आसमान में दिखने से अमेरिका के होश जरूर उड़ गए होंगे, क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से टेंशन बरकरार है।
इस हफ्ते की शुरुआत में द वॉर जोन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वही एयरक्राफ्ट लग रहा था, जिसे अगस्त में शिनजियांग उइगुर ऑटोनॉमस रीजन में चीन के मालन एयरबेस पर ली गई सैटेलाइट इमेजरी में कैप्चर किया गया था। मिलिट्री वेबसाइट की पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि मालन बेस एयरक्राफ्ट का विंगस्पैन लगभग 42 मीटर (138 फीट) था, जो इसे स्टील्थ अनक्रूड एयरक्राफ्ट के लिए एक बहुत ही रेयर कैटेगरी में रखता है।
यह साइज इसे नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन B-21 रेडर के बराबर रखता है, जो एक अमेरिकी स्टील्थ स्ट्रेटेजिक बॉम्बर है जिसका विंगस्पैन 40-42 मीटर है। B-21, जो अभी बन रहा है, उम्मीद है कि पारंपरिक और न्यूक्लियर दोनों तरह के पेलोड ले जा सकेगा और B-52 के साथ मिलकर भविष्य की US बॉम्बर फोर्स की रीढ़ बनेगा। नए चीनी ड्रोन का मकसद अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मिलिट्री ऑब्जर्वर ने कहा कि यह काइनेटिक ऑपरेशन पर फोकस करने वाला एक बहुत बड़ा अनमैन्ड कॉम्बैट एयर व्हीकल था, जबकि दूसरों ने कहा कि यह एक अनमैन्ड स्टील्थ बॉम्बर था।
पिछले महीने ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में, शेनझेन टीवी के एक चीनी मिलिट्री वॉचर और कमेंटेटर चेन शी ने कहा कि मालन बेस पर देखा गया ड्रोन एक मीडियम-रेंज स्ट्रेटेजिक बॉम्बर था। चेन ने कहा, “नेक्स्ट-जेनरेशन H-20 बॉम्बर अभी रिलीज नहीं हुआ है, लेकिन अब हमारे पास B-21 के साइज का एक स्ट्रेटेजिक-लेवल मीडियम-रेंज बॉम्बर है।” साल 2016 में, चीन ने एक नए लॉन्ग-रेंज बॉम्बर के डेवलपमेंट की घोषणा की, जिसे बाद में H-20 स्टील्थ बॉम्बर नाम दिया गया। चीनी एयर फोर्स के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वांग वेई ने पिछले साल मार्च में कहा था कि बॉम्बर जल्द ही दिखाया जाएगा, जबकि US डिफेंस असेसमेंट से पता चलता है कि H-20 शायद 2030 के दशक तक डेब्यू न करे।
———————–
📝 Disclaimer
The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.



