जोंटी रोड्स ने की दिल्ली-गोवा की हवा की तुलना, बोले- फर्क साफ दिखता है!

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नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और महान फील्डर जोंटी रोड्स ने एक बार फिर भारत में प्रदूषण के स्तर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। जैसे ही सर्दियां शुरू हुईं, दिल्ली की हवा एक बार फिर 'गंभीर श्रेणी' में पहुंच गई। इसी बीच रोड्स का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया।

दिल्ली की जहरीली हवा पर जोंटी रोड्स की चिंता
रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 400 के पार चला गया। इस भयंकर प्रदूषण के बीच रोड्स ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें साझा कीं। एक दिल्ली की धुंधली हवा और दूसरी गोवा का साफ आसमान। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'आज शाम रांची जाते हुए दिल्ली से गुजरना पड़ा। हर बार की तरह यहां की खराब हवा को देखकर मन उदास हो जाता है। शुक्र है कि मैं गोवा के एक छोटे मछुआरे गांव में रहता हूं।' उन्होंने आगे लिखा, (##AQI #whats2Bdone) यानी, हैश टैग एक्यूआई..अब इस पर क्या किया जा सकता है?
 
गोवा की हवा में बच्चे खेल रहे हैं खुले में
जोंटी रोड्स ने अपनी दूसरी पोस्ट में गोवा की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें उनके बच्चे फुटबॉल खेलते नजर आ रहे थे। उन्होंने लिखा, 'ये है मेरे घर का सूर्यास्त और हां, वे मेरे बच्चे हैं जो मैदान में फुटबॉल खेल रहे हैं! दिल्ली में डॉक्टर सलाह देते हैं कि बच्चे बाहर न निकलें।' इस तुलना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, वहीं कुछ यूजर्स ने रोड्स की ईमानदारी की सराहना की।

दिल्ली में हालात थोड़े सुधरने के संकेत
इस बीच, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू करने की जरूरत नहीं है। सीएक्यूएम के मुताबिक, दिल्ली का औसत एक्यूआई रविवार शाम चार बजे 370 और पांच बजे 365 दर्ज किया गया, जो 'सीवियर' से 'वेरी पूअर' श्रेणी में आने लगा है। उन्होंने कहा कि आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमान बताते हैं कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हो सकता है, इसलिए फिलहाल ग्रैप का स्टेज-3 लागू नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर छाई जोंटी की पोस्ट
जोंटी रोड्स के पोस्ट ने कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं हासिल कर लीं। भारतीय यूजर्स ने उन्हें भारत का असली मेहमान कहते हुए धन्यवाद दिया, जो समस्याओं को खुले रूप में सामने लाते हैं। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि जब विदेशी नागरिक दिल्ली की हवा पर बोलते हैं, तब सरकार को ज्यादा गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली बनाम गोवा, दो तस्वीरों में फर्क
जोंटी रोड्स की दोनों तस्वीरें भारत की दो सच्चाइयों को उजागर करती हैं। एक तरफ दिल्ली की घुटन भरी हवा, जहां लोग मास्क और एयर प्यूरिफायर के सहारे हैं। दूसरी तरफ गोवा की ताजा, नम समुद्री हवा, जहां बच्चे आजादी से खेल सकते हैं। इन दोनों दृश्यों ने देश के प्रदूषण संकट पर फिर से ध्यान खींचा है।

महानगरों के लिए चेतावनी
जोंटी रोड्स का पोस्ट सिर्फ एक तुलना नहीं, बल्कि दिल्ली जैसे महानगरों के लिए चेतावनी है। अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ हवा सपना बन जाएगी। उनकी एक लाइन, 'व्हाट्स टू भी डन' अब पूरे देश के लिए सवाल बन चुकी है।

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