भारत-चीन के संबंधों में सुधार, दोनों देशों के बीच व्यापार पहुंचा 155.6 अरब डॉलर

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भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसके अलावा पारस्परिक टैरिफ भी घटकर 18 फीसदी हो गया है। जिसके बाद अमेरिका और भारत के बीच नए व्यापारिक युग की शुरुआत हुई है। इससे पहले 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस बीच भारत की दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था यानी चीन के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है।

भारत-चीन का व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

दरअसल, नई दिल्ली में मंगलवार (03 फरवरी) को आयोजित चीनी नववर्ष के अवसर पर एक कार्यक्रम में भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2026 चीनी नव वर्ष समारोह में जू फेइहोंग  ने कहा, 'पिछले अगस्त में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिसने चीन-भारत संबंधों को 'एक नए सिरे से शुरुआत' से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। सभी स्तरों पर आदान-प्रदान अधिक नियमित हो गए हैं। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। लोगों के बीच आदान-प्रदान अधिक सक्रिय हो गया है।'

द्विपक्षीय व्यापार पहुंचा 155.6 अरब डॉलर

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर सुधार हुआ है। 2025 में चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 155.6 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। चीन को भारत के निर्यात में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करता है।चीनी राजदूत ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भरता पर चीन का जोर भारत की आत्मनिर्भर भारत रणनीति से मेल खाता है। इसी के साथ राजदूत ने कहा कि व्यापार में यह इजाफा दोनों देशों के संबंधों में सुधार के साफ संकेत हैं।

कोलकाता में चीनी नव वर्ष पर कार्यक्रम आयोजित

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के महावाणिज्य दूतावास ने स्प्रिंग फेस्टिवल (चीनी नव वर्ष) 2026 का आयोजन किया गया। जिसे लेकर चीनी महावाणिज्यदूत जू वेई ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मेरे स्वागत समारोह में कई भारतीय मित्र आए। एक भारतीय कलाकार ने चीनी मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया, जो बेहद अद्भुत था। उन्होंने भी इसका खूब आनंद लिया। इससे पता चलता है कि हमारी साझा संस्कृति और जुड़ाव के माध्यम से हम कितने करीब हैं।' कपड़े, आभूषण और…?: ट्रंप टैरिफ के 50% से 18% होने का क्या नतीजा, किस सेक्टर पर अब कितना असर; कौन बेअसर उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास पहले से ही कई सीधी (भारत-चीन) उड़ानें हैं और हम और अधिक उड़ानों की उम्मीद कर रहे हैं। दोनों पक्षों की ओर से विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है। मैं चाहता हूं कि अधिक से अधिक चीनी पर्यटक भारत आएं। मुझे खुशी है कि भारतीय सरकार ने वीजा प्रतिबंधों में ढील दी है। हम चाहते हैं कि चीनी पर्यटक अद्भुत भारत का अनुभव करें। मैंने पर्यटन मंत्री से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र में पर चर्चा की। हम पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं, जैसे कि पर्यटन क्षेत्र की एजेंसियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना ताकि भारतीयों और चीनी लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जा सके।'

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