ईरान में 800 फांसी रोकने, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति को इसलिए मिला नोबेल?

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वॉशिंगटन। अमेरिकी ने ईरान को लेकर बड़ा ऐलान किया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसने ईरान में 800 फांसी की सजाएं रोकी हैं और अमेरिका हालात पर नजर बनाए हुए है। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि अमेरिका के सामने सभी विकल्प खुले हैं, लेकिन इससे पहले खबर आई कि अमेरिका ने ईरान से पर्दे के पीछे समझौता कर लिया है यानी अब ईरान पर किसी भी तरह का हमला नहीं करेगा। इस बीच अमेरिका में एक और अजीबोगरीब घटनाक्रम देखने को मिला। व्हाइट हाउस में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा गया है। सवाल उठता है कि क्या यह पुरस्कार उन्होंने फांसी रुकवाने के लिए मिला और क्या यह नोबेल कमेटी ने सौंपा है? ऐसा नहीं है।
बता दें गुरुवार को वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलने पहुंची थीं। तभी उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को सौंपा। हालांकि इससे वह पुरस्कार ट्रंप का नहीं हो जाता, लेकिन फिर भी वह गदगद हैं। ट्रंप ने मारिया कोरीना मचाडो का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार सौंपने को ‘आपसी सम्मान का अद्भुत संकेत’ बताया। व्हाइट हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को वेनेजुएला के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका ने देश के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- आज वेनेजुएला की मारिया कोरीना मचाडो से मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी। वह एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ झेला है। उन्होंने मेरे किए गए कामों के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार भेंट किया। यह आपसी सम्मान का शानदार इशारा है। धन्यवाद, मारिया!’
मचाडो गुरुवार को व्हाइट हाउस पहुंचीं, जहां बंद कमरे में उनकी ट्रंप के साथ बातचीत हुई। सफेद सूट में पहुंचीं मचाडो को एक एसयूवी से व्हाइट हाउस परिसर में ले जाया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नोबेल पुरस्कार सौंपने का यह कदम वेनेजुएला की भावी राजनीति पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मचाडो नोबेल शांति पुरस्कार की मेडल व्हाइट हाउस में ही छोड़ गईं। मामले से परिचित एक सूत्र ने बताया कि यह मेडल फिलहाल राष्ट्रपति के पास है और व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि ट्रंप इसे अपने पास रखे हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं और दावा करते हैं कि अपने दूसरे कार्यकाल में कई युद्ध सुलझाने के कारण वे इसके हकदार हैं। नोबेल समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि यह पुरस्कार न तो साझा किया जा सकता है और न ही किसी को स्थानांतरित किया जा सकता है। समिति ने कहा था, ‘मेडल का मालिक बदला जा सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का दर्जा नहीं।

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