Budget 2026: ‘हर सुधार और आवंटन विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम’, पोस्ट-बजट वेबिनार में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट-बजट के पहले वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का हर सुधार और हर बजटीय आवंटन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए, बजट के बाद हर साल होने वाले ये वेबिनार बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतिगत फैसलों का मकसद दीर्घकालिक विकास को गति देना और देश को विकसित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना है।

पीछले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या-क्या बदलाव हुए?

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था ने अभूतपूर्व मजबूती और लचीला रुख दिखाया है। उनके अनुसार, इस अवधि में सरकार ने दृढ़ संकल्प के साथ कई संरचनात्मक और नीतिगत सुधार लागू किए, जिससे आर्थिक ढांचे को मजबूती मिली।

नीति-निर्माण नहीं, बल्कि बेहतर क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी

‘टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स एंड फाइनेंस फॉर विकसित भारत’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुधारों की रफ्तार बनाए रखने के लिए सिर्फ नीति-निर्माण नहीं, बल्कि बेहतर क्रियान्वयन पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सुधारों का मूल्यांकन केवल उनके जमीनी प्रभाव के आधार पर होना चाहिए।

रिफॉर्म एक्सप्रेस को लेकर क्या बोले पीएम?

पीएम मोदी ने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस को बनाए रखने के लिए केवल नीतियों के इरादे पर नहीं, बल्कि बेहतर क्रियान्वयन पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। सुधारों का आकलन उनके जमीनी प्रभाव के आधार पर होना चाहिए और पारदर्शिता, गति व जवाबदेही बढ़ाने के लिए एआई, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स के साथ शिकायत निवारण प्रणाली का उपयोग जरूरी है।

निवेशकों के लिए पीएम ने क्या है?

मोदी ने कहा कि सरकार की कोशिश व्यवस्था को अधिक पूर्वानुमानित और निवेशकों के अनुकूल बनाने की है। उन्होंने कहा कि बॉन्ड मार्केट सुधारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों के सक्षम साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूंजीगत व्यय में हुए बड़े बदलाव- पीएम

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि 11 वर्ष पहले जहां यह करीब 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं मौजूदा बजट में यह बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का इतना बड़ा निवेश निजी क्षेत्र के लिए स्पष्ट संदेश है कि अब उद्योग और वित्तीय संस्थान नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।उन्होंने उभरते क्षेत्रों में वित्तपोषण के नए मॉडल और मजबूत सहयोग की जरूरत पर बल दिया व परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ोतरी रोकने के लिए परियोजना स्वीकृति प्रक्रिया और मूल्यांकन की गुणवत्ता मजबूत करने की सलाह दी।

क्या है रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर?

साथ ही, पीएम मोदी ने सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और शिक्षाविदों के बीच एक स्पष्ट रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा से अधिक जरूरी उसका तेज और सरल क्रियान्वयन है, ताकि सभी हितधारकों को इसका लाभ मिल सके और अर्थव्यवस्था को नई गति मिले।

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