गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी में छप्परफाड़ इजाफा, जानें पूरा गणित

Date:

टेक जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है और इस खबर ने तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अपने सीईओ सुंदर पिचाई के लिए अगले तीन वर्षों का संभावित वेतन बढ़ाकर 69.2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 6361 करोड़ रुपये कर दिया है। इस डील के साथ ही पिचाई दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) में शुमार हो गए हैं। आखिर टेक दिग्गज गूगल ने अपने भारतीय मूल के सीईओ पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया है? आइए इस ऐतिहासिक पे-पैकेज की बारीकियों और इसके पीछे की ठोस वजहों को समझते हैं।

सुंदर पिचाई का यह नया वेतन पैकेज असल में कितना बड़ा है और इसका ढांचा क्या है?

गूगल ने अगले तीन वर्षों के लिए पिचाई का कुल अधिकतम संभावित पे-पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर (करीब 6361 करोड़ रुपये) तय किया है। इसमें उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर (करीब 18.38 करोड़ रुपये) रखी गई है, जबकि पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों के रूप में मिलेगा। अगर वह कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी उन्हें वेतन और स्टॉक के रूप में तीन वर्षों में 39.1 करोड़ डॉलर की बेसलाइन अमाउंट की राशि मिलनी तय है।

क्या यह पूरी रकम फिक्स है या प्रदर्शन पर निर्भर है?

इस पैकेज का एक बड़ा हिस्सा परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स (पीएसयू) पर आधारित है, जिसकी टारगेट वैल्यू 12.6 करोड डॉलर (लगभग 1158 करोड़ रुपये) है। इन शेयरों का मूल्य एसएंडपी 100 की अन्य कंपनियों के मुकाबले अल्फाबेट के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर तय होगा। अगर कंपनी शानदार प्रदर्शन करती है, तो यह रकम दोगुनी (25.2 करोड़ डॉलर यानी 2316 करोड़ रुपये) हो सकती है, और अगर पिछड़ती है तो यह शून्य भी हो सकती है। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में उन्हें 84 मिलियन डॉलर (करीब 772 करोड़ रुपये) के प्रतिबंधित शेयर भी मिलेंगे, जो हर महीने भुनाए जा सकेंगे।

क्या इस पैकेज में बिजनेस से जुड़ा कोई नया इसेंटिव भी जोड़ा गया है?

हां, इस डील की एक बड़ी खासियत इसके नए इंसेंटिव्स हैं। गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा 'वेमो' और ड्रोन डिलीवरी स्टार्ट-अप 'विंग' की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर (लगभग 3217 करोड़ रुपये) तक के स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े हैं। इसमें वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर (लगभग 1195 करोड़ रुपये) और विंग एविएशन के लिए 4.5 करोड़ डॉलर (लगभग 413 करोड़ रुपये) की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो तीन साल बाद उनके 'फेयर वैल्यू' के आधार पर तय होंगे और शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं।

पिचाई को इतना भारी-भरकम पैकेज क्यों दिया जा रहा है? उनकी उपलब्धियां क्या हैं?

भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में कंपनी में शामिल होने के बाद क्रोम ब्राउज़र विकसित करने और एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अल्फाबेट के बोर्ड का मानना है कि पिचाई की अगुवाई में वेमो और विंग ऑटोनॉमस ड्राइविंग व डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति कर रहे हैं। इसके अलावा, अगस्त 2015 में जब पिचाई ने सीईओ का पद संभाला था, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में सात गुना बढ़कर लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया (जनवरी में यह 4 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर गया था)। हालांकि शुरुआत में चैटजीपीटी के लॉन्च के समय उन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में धीमी गति का आरोप लगा था, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी करते हुए गूगल के सर्च इंजन में कटिंग-एज एआई मॉडल्स सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किए। साथ ही, उन्होंने कंपनी को बड़े एंटीट्रस्ट (एकाधिकार) मुकदमों के सबसे बुरे परिणामों से भी बचाकर बाहर निकालने में सफलता हासिल की। पिचाई ने गूगल के खोज और एप स्टोर कारोबार के खिलाफ लाए गए अविश्वास मामलों को भी सफलतापूर्वक संभाला है।

दुनिया के अन्य दिग्गज टेक सीईओ के मुकाबले पिचाई का यह पैकेज कैसा है?

पिचाई का यह 69.2 करोड़ डॉलर (तीन साल का अधिकतम) का पैकेज उनके प्रतिद्वंद्वियों से कहीं बड़ा है। उनकी तुलना में, माइक्रोसॉफ्ट  के प्रमुख सत्या नडेला ने वित्त वर्ष 2025 में कुल 9.65 करोड़ डॉलर (जिसमें 8.4 करोड़ डॉलर स्टॉक था) की कमाई की, जबकि एपल के बॉस टिम कुक की 2025 की कमाई 7.43 करोड़ डॉलर रही।

पिचाई की व्यक्तिगत संपत्ति और कंपनी में संस्थापकों के नियंत्रण का क्या समीकरण है?

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, 53 वर्षीय पिचाई सीईओ बनने के बाद से अब तक लगभग 65 करोड़ डॉलर के शेयर बेच चुके हैं (हाल ही में उन्होंने 9.8 मिलियन डॉलर के शेयर बेचे)। फिलहाल, उनके और उनकी पत्नी अंजलि के पास कुल 1.67 मिलियन गूगल शेयर हैं, जिनकी कीमत शुक्रवार के भाव पर 49.8 करोड़ डॉलर है। इसके बावजूद, कंपनी पर असली नियंत्रण आज भी इसके संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन का है, जिनके पास सुपर-वोटिंग क्लास बी शेयरों के चलते 56 प्रतिशत निर्णायक शक्ति मौजूद है। सुंदर पिचाई का यह विशालकाय वेतन पैकेज बताता है कि अल्फाबेट का बोर्ड उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर रहा है। यह डील न केवल पिछले एक दशक में कंपनी की मार्केट वैल्यू में हुए सात गुना इजाफे का इनाम है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि भविष्य के ग्रोथ इंजन- खासकर एआई, सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी और ऑटोनॉमस डिलीवरी- पर कंपनी कितनी आक्रामक रूप से दांव लगा रही है।

———————–
📝 Disclaimer

The content of this post is not originally published by us. The news and information provided here are sourced from trusted online sources, including NewsOnline.co.in
. We share this content only for informational and educational purposes. All rights to the original content belong to their respective owners. If you are the original author or copyright holder and wish to have this content removed or modified, please contact us, and we will take immediate action.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

Javed Khan on Supporting the Next Phase of Global Brokerage and Fintech Growth

London / Dubai / India — August 2026: The...

Preeti Sharma’s Nook & Hire and the Rise of AI-Powered Talent Management

The workplace is changing, and so is the way...

Plots for Sale in Faridabad: Explore Land Options for Buyers and Investors

Faridabad, August 2026: Buyers searching for Plots for Sale...

Abhiraj Shee’s TCS Mission SDG Journey Highlights Digital Learning and Social Awareness

Abhiraj Shee's profile demonstrates an interesting combination of creative...