Meesho में निवेश करना है लाभदायक या जोखिम भरा? जानिए विशेषज्ञों की राय

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भारतीय IPO बाजार में Meesho ने एंट्री के साथ ही निवेशकों का ध्यान खींच लिया. जब कंपनी का पब्लिक इश्यू आया, तो उसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और लिस्टिंग के दिन शेयर ने मजबूत शुरुआत की. इसके बाद कीमतों में आई तेजी ने कई निवेशकों को आकर्षित किया, लेकिन सवाल यही है कि क्या अभी भी इसमें निवेश करना समझदारी होगी या जोखिम ज्यादा है. इसका जवाब जानने के लिए सिर्फ शेयर की चाल नहीं, बल्कि कंपनी के बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल सेहत को समझना जरूरी है |

लिस्टिंग के बाद क्यों चर्चा में आया Meesho का शेयर?

Meesho का IPO भारी ओवरसब्सक्रिप्शन के साथ आया और लिस्टिंग के समय शेयर ने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर शुरुआत की. पहले ही दिन इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला और कुछ ही दिनों में इसने नया हाई बना लिया. जिन निवेशकों को IPO में शेयर नहीं मिले, उन्होंने खुले बाजार से खरीदारी की, जिससे शेयर की डिमांड और बढ़ गई. हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि केवल लिस्टिंग गेन देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होता |

छोटे शहरों में Meesho की मजबूत पकड़

कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर टिका है. इसके ज्यादातर ऑर्डर छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं, जहां ग्राहक कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पसंद करते हैं. यहां खरीदार कम कीमत के छोटे ऑर्डर ज्यादा बार करते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म पर ट्रैफिक बना रहता है. इसी रणनीति के चलते Meesho ने बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इन इलाकों में कड़ी टक्कर दी है |

अलग बिजनेस मॉडल ने बनाई पहचान

Meesho का मॉडल बाकी ई-कॉमर्स कंपनियों से अलग है. यह सेलर्स से प्लेटफॉर्म फीस नहीं लेता और खरीदारों के लिए भी अतिरिक्त चार्ज नहीं रखता. कंपनी की कमाई लॉजिस्टिक्स, फुलफिलमेंट सर्विस और एडवरटाइजिंग से होती है. कम कीमत और बार-बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर फोकस करके Meesho ने अपना एक अलग बाजार तैयार किया है, जो इसे बाकी कंपनियों से अलग बनाता है |

IPO से मिले पैसे का कहां होगा इस्तेमाल

IPO के जरिए जुटाई गई रकम को कंपनी अपने बिजनेस को और मजबूत करने में लगाएगी. इसमें टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना, मार्केटिंग पर खर्च, संभावित अधिग्रहण और नए बिजनेस आइडियाज शामिल हैं. माना जा रहा है कि इससे प्लेटफॉर्म पर खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के लिए अनुभव बेहतर होगा और कंपनी की ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी |

सबसे बड़ा सवाल: मुनाफा कब?

Meesho की सबसे बड़ी कमजोरी अभी भी उसकी प्रॉफिटेबिलिटी है. हालांकि बीते कुछ सालों में कंपनी का घाटा कम हुआ है और रेवेन्यू में तेज बढ़त दिखी है, लेकिन कारोबार अभी पूरी तरह मुनाफे में नहीं आया है. हाल के महीनों में बढ़ते मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी खर्च की वजह से नुकसान फिर बढ़ा है. कंपनी ने कैश फ्लो के मोर्चे पर सुधार दिखाया है, लेकिन इसे लंबे समय तक बनाए रखना चुनौती होगी |

निवेश से पहले क्या सोचें?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि Meesho एक तेजी से बढ़ने वाला और अलग सोच वाला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जिसकी पकड़ छोटे शहरों में मजबूत है. ग्रोथ के मौके बड़े हैं, लेकिन मुनाफे को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई है. ऐसे में यह शेयर उन निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकता है, जो जोखिम लेने को तैयार हैं और लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं |

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