कठिन दौर की याद में टूट पड़े रजत बेदी, बोले— सबने मुंह मोड़ लिया, एक ने दिया सहारा

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कठिन दौर की याद में टूट पड़े रजत बेदी, बोले— सबने मुंह मोड़ लिया, एक ने दिया सहारा

मुंबई: रजत बेदी ने अपने करियर के कठिन दौर, कनाडा में बिताया समय और परिवार की भूमिका पर खुलकर बातचीत की। इस खास बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि मुश्किल दौर में उनकी पत्नी सबसे बड़ा संबल बनीं। कनाडा में एक लंबा समय बिताने के बाद दोबारा इंडस्ट्री में वापसी पर भी रजत ने खुशी जताई। उन्होंने क्या कहा? पढ़िए

आपकी नई शुरुआत को देखकर ऐसा लगता है, जैसे यह आपके जीवन की ‘सेकंड इनिंग्स’ है। लेकिन उससे पहले का दौर कैसा था, जब आप काम ढूंढ रहे थे, लेकिन वापसी नहीं हो पा रही थी?
सच कहूं तो मुझे खुद समझ नहीं आ रहा था कि कमी कहां रह गई। मैंने बहुत काम किया था, अच्छी फिल्में भी की थीं, लेकिन शायद वे फिल्में सफल नहीं हो पाईं और इसी वजह से मैं थोड़ा पीछे रह गया। मैं काम ढूंढ रहा था, लेकिन पिछले दस-पंद्रह वर्षों में मुझे कोई ठोस मौका नहीं मिला। लोग मिलते थे, मैं भी कोशिश करता था, लेकिन शायद मैं खुद भी सिर्फ काम नहीं, सही काम ढूंढ रहा था। ऐसा नहीं था कि जो भी मिलेगा, कर लूंगा। मैं कुछ ऐसा चाहता था जिस पर मुझे गर्व हो, कोई ऐसा प्लेटफॉर्म, कुछ ऐसा जो अंदर से सच्चा लगे’।

‘इंडस्ट्री बहुत बदल चुकी है – अब सिस्टम चलता है, सिर्फ रिश्ते नहीं’
इस बीच इंडस्ट्री भी बहुत बदल चुकी थी। जब मैं नाइंटीज में लॉन्च हुआ था और 2005 तक काम करता रहा, उसके बाद जब मैं कनाडा गया, लौटकर देखा तो पूरा माहौल अलग था। अब स्टूडियोज आ गए थे, कास्टिंग डायरेक्टर्स आ गए थे। पहले सीधे प्रोड्यूसर से मुलाकात होती थी, अब पूरा सिस्टम बदल गया था। टैलेंट एजेंसियां आ गईं और कभी-कभी तो कास्टिंग डायरेक्टर्स खुद भी एक्टर बन गए। कई बार ऐसा लगता था कि मौके आते हैं, लेकिन वे अपने लिए ही रखते हैं।

तो आपने कनाडा जाने का फैसला क्यों लिया?
सच कहूं तो मैं अपने करियर की दिशा से खुश नहीं था। मुझे लग रहा था कि मैं जितना करना चाहता हू, उतना ग्रो नहीं कर पा रहा हूं। मेरे ज्यादातर दोस्त कॉर्पोरेट इंडस्ट्री में थे और बहुत सफल थे, सिर्फ सक्सेसफुल नहीं, बल्कि सुपर सक्सेसफुल। जब मैं उन्हें देखता था, तो अपने आप में सोचता था कि मैं क्या कर रहा हूं। यहां इंडस्ट्री में चाहकर भी आप तब तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक सही मौका न मिले। मुझे लगा कि मैं किसी ऐसी जगह जाऊं, जहां मेरी मेहनत से मेरी ग्रोथ मेरे कंट्रोल में हो। इंडस्ट्री में सब कुछ इस पर निर्भर है कि कौन आपको मौका देता है। यहां आप फैक्ट्री की तरह कोई प्रोडक्ट बनाकर उसका टर्नओवर नहीं बढ़ा सकते। यहां कला है, और कला तभी बढ़ती है जब उसे सराहा जाए।

‘मैंने फैसला किया कि कुछ अलग ट्राय करूं और कनाडा चला गया’
रजत ने आगे कहा, ‘साथ ही फैमिली की जिम्मेदारियां भी थीं। नाम और पहचान से घर नहीं चलता, आर्थिक स्थिरता भी चाहिए। वह कठिन समय था और मैंने सोचा कि अब कुछ नया करना चाहिए। मेरे पास दो ऑप्शन थे …. टीवी इंडस्ट्री में जाना या कनाडा शिफ्ट होना। उस वक्त टीवी में लॉन्च होने का ऑफर भी मिला था, लेकिन मैं थोड़ा हिचकिचाया। मुझे लगा कि अगर शो नहीं चला तो मैं वहीं फंस जाऊंगा और पूरी इंडस्ट्री से बाहर हो जाऊंगा। इसलिए मैंने फैसला किया कि कुछ अलग ट्राय करूं और कनाडा चला गया’।

कनाडा में आपका अनुभव कैसा रहा?
कनाडा की मेरी जर्नी बहुत खूबसूरत रही। वहाँ मैंने ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ (अक्षय कुमार के साथ), अनिल शर्मा की ‘इंडियन हीरो’ और ‘कोई मिल गया’ के कुछ गाने शूट किए थे। इसलिए कनाडा से मेरा पुराना लगाव था।

‘मुझे कोई पछतावा नहीं है, कनाडा में मेरा अनुभव खूबसूरत रहा’
एक दोस्त, जो वहां रह रहा था, बार-बार कहता था, ‘यहां आओ, कुछ नया शुरू करो।’ मैंने सोचा क्यों न मौका लिया जाए। वहां जाकर मैंने रियल एस्टेट बिजनेस शुरू किया। मेरी वाइफ इंटीरियर डिजाइनर हैं, वे डिजाइन देखती थीं और मैं फाइनेंस व प्रोजेक्ट्स संभालता था। काम शानदार चला- क्रिएटिव भी और फाइनेंशली भी सॉलिड। कुछ चुनौतियां और पार्टनरशिप में दिक्कतें आईं, लेकिन मैंने बहुत कुछ सीखा। मुझे कोई पछतावा नहीं है, यह अनुभव मेरे लिए बेहद खूबसूरत रहा।

लेकिन एक्टर का कीड़ा तो जाता नहीं…
बिलकुल सही कहा आपने। एक्टर का कीड़ा तो कभी नहीं जाता। जहां भी गया, लोग मुझसे पूछते थे, ‘आप यहां क्या कर रहे हो? वापस क्यों नहीं आते?’ लोगों को मेरे काम से लगाव था, चाहे ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ हो, ‘जानी दुश्मन’ हो या ‘कोई मिल गया’, मेरे किरदारों से दर्शकों ने हमेशा कनेक्ट किया। शायद इसी वजह से आज भी जब मैं स्क्रीन पर वापस आया हूं, तो वो प्यार फिर से महसूस हो रहा है।

कठिन दौर में आपका सबसे बड़ा सहारा कौन था?
सच कहू तो मेरी पत्नी। वो हमेशा मेरे साथ रहीं, हर हाल में। जब सब कुछ ऊपर-नीचे हो रहा था, तब भी उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया। कभी शिकायत नहीं की, कभी हताशा नहीं जताई। वो मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा रहीं, मेरा पिलर। आखिर में इंसान को अपने ही लोग संभालते हैं। चाहे कितने भी लोग आसपास हों या इंडस्ट्री में कितनी भी पहचान क्यों न हो, वक़्त आने पर परिवार ही साथ खड़ा रहता है। इंडस्ट्री में ऐसा बहुत कम होता है। हर किसी का अपना स्ट्रगल होता है। बड़े एक्टर्स के पास भी लीन फेज आता है और कभी-कभी कोई हाथ बढ़ा देता है। मेरे केस में ऐसा कोई नहीं था। मैं अपने पुराने कलीग्स और दोस्तों के टच में रहा, कनेक्शन बनाए रखा, लेकिन जो हर वक्त मेरे साथ खड़ा रहा, वो सिर्फ मेरी पत्नी थी।
 
अब जब फिल्म और वेब शो के अवसर बढ़ रहे हैं, आपके लिए ये परिवार के साथ कितना खुशी का पल है?
मैं सच में बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। अब कई नए अवसर खुल रहे हैं। फिल्म और वेब शो के ऑफर मिल रहे हैं। बच्चों के लिए भी मौके हैं और ये सब पूरी दुनिया में हैं। आगे देखेंगे कि ये सब कैसे आगे बढ़ता है। यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, पूरे परिवार के लिए खुशी का पल है। लोग खुश हैं कि मैं वापस आया हूं। बच्चों की बात करें तो वो बड़े हो गए हैं और इतने वर्षों में मैंने उन्हें इतने बड़े रूप में नहीं देखा था। यही चीज इस पल को मेरे लिए और भी खास बनाती है।

आपकी वापसी पर इंडस्ट्री का रिएक्शन कैसा रहा? क्या आपको पहले जैसा रिस्पॉन्स मिला या अब कुछ अलग महसूस हो रहा है?
इंडस्ट्री से मुझे बहुत प्यार मिल रहा है। मुझे लगता है कि ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है, क्योंकि पहले मुझे ऐसा रिस्पॉन्स कभी नहीं मिला था। आज मुझे बहुत सारे बड़े डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स और टेक्निशियंस के फोन आ रहे हैं। पहले जमाने में, जब मैं इंडस्ट्री में था, तो लोग सिर्फ लुक्स और पहले के परफॉर्मेंस पर फोकस करते थे। मैं अपने बेटे को भी यही सिखाता हूं – बेटा, इंडस्ट्री में सफलता परफॉर्मेंस से आती है, सिर्फ लुक्स से नहीं’।

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